शुक्रवार, 29 जून 2012

बेचारा मुस्लिम

गरीब मुस्लमान की हालत उस बेचारे की तरह है जिसे जब चाहा जिसने चाहा इस्तेमाल किया और काम निकलने के बाद फैक दिया जिस में सब से ज्यादा कांग्रेस ने आज़ादी से ले कर आज तक सिर्फ वोट बैंक समझा नाकी इन्सान सुरक्षा के नाम पे डराते रहे और हमारी दुरिया हमारे भाइयो से बढ़ाते रहे ये जानते थे की हमारे बीच दूरिया अगर ख़तम हो जाएँगी तो इनकी राजनीती पे फर्क पड़ेगा मगर दोस्तों फर्क तो अब जरूर पड़ेगा इन्हें तो सबक सिखाना ही पड़ेगा की तुमने इस देश को बोहुत लूट लिया बस अब तुम्हारे पाप का गड़ा भर चूका है !
मित्रो कांग्रेस क्यों की विदेशी विचारधारा से संचालित होती है इसलिए इनको इस देश की मिटटी और देश की जनता से कोई सरोकार नहीं है इनकी मंशा तो बस इस देश को लूट कर यूरोपिये देशो को मालामाल करना मात्र है इनको हिन्दू मुस्लमान किसी से कोई मतलब नहीं ये तो बस अंग्रोजो के उस विचार से प्रेरित है की फूट डालो और शासन करो ! तभी तो इन्होने हिन्दू और मुस्लमान जो इस देश की दो आँखे है उनमे से एक आँख को कभी खुलने नहीं दिया हमेशा अपने भाइयो से दूर रखा की यदि मुस्लिम वर्ग पड़ लिख जायेगा तो अपने अधिकार की मांग करेगा जो की इनको नापसंद है लेकिन स्वयम के पर्यासों से ही सही अब ये वर्ग सचेत हो गया है और तुम्हारी हर चाल का जवाब देने को तैयार है अरे फरेबी धरमनिर्पेश्वादियो तुम हज्ज में रियायत की बात करते हो हमने तो तुमसे रियायत कभी मांगी भी नहीं , क्यों के हज्ज हर मुस्लिम का फ़र्ज़ है अपनी मेह्नत की कमाई से हज्ज करे ना की किसी की इमदाद से और फिर तुम जो इमदाद दे रहे हो वोह वापस उन ticketo में दाम बड़ा के ले रहे हो और हमारे हिन्दू भाइयो में सन्देश ये देना चाहते हो की तुम मुस्लिम हितेषी हो अगर तुम देश की जनता से इतना ही प्रेम करते हो तो हिन्दू और मुस्लिम की तथाकथित नितीया अलग अलग बना के क्या दर्शाना चाहते हो की तुम हिन्दुओ से दोगलापन करके मुस्लिम हितेषी हो सकते हो कभी नहीं ,बेचारे गरीब मुस्लमान को तो अपनी दो जून की रोटी के चक्कर में कुछ भी नहीं पता की कब तुम क्या घोषणा करते हो और मीडिया के मित्र कब उसपे बेवजह की बहस शुरू कर देते है !
मित्रो अगर कांग्रेस और ये दुसरे दल जो अपने आप को मुस्लिम हितेषी साबित करने में लगे हुए है उनसे पूछो की अगर तुम इतने हितेषी थे तो फिर भी गरीब मुस्लमान भूंख और गरीबी में क्यों ज़िन्दगी जी रहा है विगत ६५ सालो में तो उसकी हालत बद्से बदतर ही हुई है ! में उन गुलामी में जकड़ी हुई मानसिकता लिए हुए मुस्लिम लीडरो से भी पूछता हु इन ६५ सालो में कभी तुमने आत्ममंथन किया की तुम ने कोम को क्या दिया या इस कांग्रेस और छदम धराम्निर्पेश दलों ने हमे कहा ला के छोड़ दिया है क्यों हम ने कुछ राजनीतिक दलों को अचुत समझ रखा है आखिर वोह भी हमारे ही देश के लोग है लेकिन एक बात बिलकुल सच है की ये दल कांग्रेस की तरह आस्तीन में सांप नहीं है इनकी नीतिया बिलकुल स्पष्ट है तो इसमें बुराई भी क्या है अगर हिन्दू अपने हित की बात हिंदुस्तान में नहीं करेगा तो मित्रो क्या इटली में जाके करेगा में इसमें कोई बुराई नहीं समझता ,राष्ट्र की बात करना कया गलत है ? अगर गलत है तो हां में राष्ट्रवादी हु आखिर हम भी हिंदुस्तान से प्यार करते है क्यों की इस बात को हर व्यक्ति जानता है की आज़ादी के पश्चात् हमारे भाई हिन्दुओ के पास कोई विकल्प नहीं था भारत में रहने के अलावा परन्तु हमारे पास विकल्प होते हुए भी हम ने भारत को चुना यही हमारा प्यार और नमन है इस मिटटी को इस लिए अब समय नहीं है एक दुसरे को शक की नजरो से देखने का, आओ मिल कर एक नए भारत के निर्माण के लिए तैयार हो जाये ,माँ भारती हमे पुकार रही है अपनी आहुति के लिए मित्रो इस वक़्त देश में एक क्रांति की आवयेशकता है उसमे हम सब को मिल कर आहुति देनी है जिस से ये देश वापस भंय, भूख से मुक्त पुन सोने की चिड़िया बने!
मित्रो अगर लेखनी में गलती हो तो माफ़ कीजियेगा! जय भारत जय माँ भारती
-सैयद इब्राहीम फखर अधिवक्ता

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